Tuesday, February 8, 2011

नयी रोशनी

कहदे तूफानों से कोई
किश्ती के डूबने से, नहीं अब हम डरते !
हौसला तैर कर समंदर पार करने का, अब हम रखते !!


कहदे उनसे जाकर कोई
तन्हा छोड़ जायेगे वो हमको सोचकर, नहीं अब हम डरते!
हौसला बिना साये के भी चलने का , अब हम रखते !!


कहदे रास्ते के पत्थरो से कोई
पथरीली राहो को सोचकर, नहीं अब हम डरते !
हौसला उड़कर मंजिल तक जाने  का, अब हम रखते !!

5 comments:

Abhishek Kesarwani said...

kya baat hai .... sahi ... :) mast ... :) Jhakaaas .. :)

Artgallery said...

hmmmm.....good one :)

vijay said...

acchi hai ....
ekla chalo re :)

Krishna Nand Gupta said...

Thanks guys...

abhishek gupta said...

jhkkas