कहदे तूफानों से कोई
किश्ती के डूबने से, नहीं अब हम डरते !
हौसला तैर कर समंदर पार करने का, अब हम रखते !!
कहदे उनसे जाकर कोई
तन्हा छोड़ जायेगे वो हमको सोचकर, नहीं अब हम डरते!
हौसला बिना साये के भी चलने का , अब हम रखते !!
कहदे रास्ते के पत्थरो से कोई
पथरीली राहो को सोचकर, नहीं अब हम डरते !
हौसला उड़कर मंजिल तक जाने का, अब हम रखते !!
किश्ती के डूबने से, नहीं अब हम डरते !
हौसला तैर कर समंदर पार करने का, अब हम रखते !!
कहदे उनसे जाकर कोई
तन्हा छोड़ जायेगे वो हमको सोचकर, नहीं अब हम डरते!
हौसला बिना साये के भी चलने का , अब हम रखते !!
कहदे रास्ते के पत्थरो से कोई
पथरीली राहो को सोचकर, नहीं अब हम डरते !
हौसला उड़कर मंजिल तक जाने का, अब हम रखते !!
5 comments:
kya baat hai .... sahi ... :) mast ... :) Jhakaaas .. :)
hmmmm.....good one :)
acchi hai ....
ekla chalo re :)
Thanks guys...
jhkkas
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